एक और जहां पूरी दुनिया कोरोना की दवा बनाने के होड़ में है इसी बीच भारत से एक नई उम्मीद की किरण जागी है।पतंजलि आयु्वेद लिमिटेड के को-फाउंडर एवं सीईओ आचार्य बालकृष्ण ने कोरोना की दवा बना लेने का दावा किया है।उन्होंने कहा कि दवा का पहले चरण  में क्लिनिकल ट्रायल पूरा हो चुका है जहां इसके 100 फीसदी नतीजे आए है।उन्होंने कहा कि इस दवा के क्लिनिकल ट्रायल के दौरान 70 से 80 प्रतिशत मरीज 5 दिन में ही ठीक हो गए बल्कि दूसरे मरीज अधिकतम 14 दिन के भीतर स्वस्थ हो गए।उन्होंने कहा कि सभी मरीजों के कोरोना टेस्ट अंततः नेगेटिव आ गए।उन्होंने साथ ही कहा कि गंभीर मरीज भी इस दवा के सेवन करने से 14 दिन के भीतर स्वस्थ हो गए।

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पहले से ही शोध कर रही थी वैज्ञानिक टीम:

न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि जब से ये वायरस फैलना शुरू हुआ था तभी से अपनी वैज्ञानिक टीम को इस दिशा में शोध के लिए लगा दिए थे।इन वैज्ञानिकों ने कोरोना से लड़ने, उसे फैलने और ठीक करने के लिए जड़ी-बूटियों की पहचान की।फिर इन्हें पूरी प्रक्रिया के लिए तैयार करने के बाद ही ट्रायल किया गया।जहां ट्रायल के नतीजे पूरी तरह सकारात्मक मिले।अभी इस दवा का अंतिम परीक्षण कंट्रोल्ड क्लिनिकल ट्रायल चल रहा है।

4-5 दिनों में दुनिया के सामने रखेंगे पूरा विवरण:

आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि आने वाले 4-5 दिनों में इस दवा का कंट्रोल्ड क्लिनिकल ट्रायल पूरा हो जाएगा।इसके बाद पूरी प्रामाणिकताऔर डेटा के साथ इसे दुनिया के सामने लाएंगे।उन्होंने कहा कि वो पूरी दुनिया की बताना चाहते है कि कोरोना का इलाज आयुर्वेद से भी पूरी तरह संभव है।बता दे कि अगर यह दावा सच होता है तो निश्चित तौर पर पूरे विश्व के लिए राहत की खबर होगी।साथ ही साथ भारत के लिए एक गौरव का विषय भी होगा।