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अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के आत्महत्या के बाद से बॉलीवुड के कई रहस्य बाहर आ रहे है।इंडस्ट्री में काम करने वाले कलाकार अपने साथ हुए भेदभाव और षड्यंत्र का लगातार खुलासा कर रहे है।गौरतलब है कि अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के कथित रूप से आत्महत्या करने के बाद बॉलीवुड इंडस्ट्री के बहुत सारे कलाकार,अभय देओल से लेकर कंगना रनौत तक बॉलीवुड के दोगलेपन को लेकर स्पष्ट रूप से अपनी बात रखी है।इसी बीच सबने मीडिया को Journalism के नाम पर सिर्फ और सिर्फ बड़े बड़े फ़िल्मी सितारे के बच्चों के Promotion करने की बात कही है।सभी ने यहां तक कहा है कि फिल्मी  मीडिया कुछ नामचीन अभिनेता,निर्माता निर्देशकों के गुलाम है।ये निर्माता निर्देशक फिल्म माफिया की तरह पूरी फिल्म इंडस्ट्री को Control करती  है।मीडिया उन्हीं के इशारे पर काम करती हैये फिल्म माफिया पत्रकारों के माध्यम से किसी अभिनेता या अभिनेत्री को निशाने बनाते हुए उनके बारे में झूठी और भ्रामक खबरें फैलाते है।इस खबरें से उन अभिनेताओं के छवि को प्रभावित करने की कोशिश की जाती है।इतना ही नहीं ये माफिया अन्य निर्माता निर्देशकों को भी उन अभिनेताओं को अपनी फिल्म में काम नहीं देने के लिए मजबूर  करती है।ये सब एक साजिश के तहत किया जाता है और मीडिया इसमें इसका पूरा साथ देती है।

इतना ही नहीं ये फिल्म माफिया अपने और अपने दोस्तों के  बेटे बेटियों के लिए फिल्में उपलब्ध कराते हैं और फिर अपने उस गुलाम मीडिया से उसका Promotion भी कराते है।उनके बारे में अच्छी खबरें अखबारों में लिखवाते है,और उनकी फिल्मों को बढ़ चढ़कर प्रोमोट करते है।यहां तक कि  Chat Shows के माध्यम से वे अपने एवं दोस्तों के बच्चों को फिल्म इंडस्ट्री से रूबरू कराते हैं।ऐसा दिखाया जाता है इन राजकुमारों का जन्म एक्टिंग करने के लिए हीं हुआ है।फिर इन राजकुमारों के बारे में मनमोहित खबरें लिखी जाती है और इनकी तस्वीरें वायरल की जाती है।बड़े स्टार्स के बच्चों को उनके बचपन से ही मीडिया कवरेज दिया जाता है।किस राजकुमारी ने gym में किस रंग की पैंट पहनी से लेकर किस राजकुमार ने कौनसी पार्टी attend की तक,इस तरह की घटिया खबरें प्रचारित की जाती है। इन सब में फिल्मी मीडिया फिल्म जगत के इन फिल्म माफिया का बढ़ चढ़कर साथ देता है।फिल्म मीडिया सिर्फ कुछ पैसों के लिए अपनी गरिमा इन माफिया के चरणों में अर्पित कर आते हैं।

गौरतलब है कि अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के मौत के पीछे कहीं ना कहीं इन्हीं फिल्म माफिया का हाथ है, जिसका फिल्म मीडिया सदैव गुणगान करता रहता है।बता दे कि वर्षों से इंडस्ट्री के लोगों पर बाहर से आने वाले प्रतिभाशाली कलाकारों के साथ भेदभाव और षड्यंत्र करने के आरोप लगते रहे है।फिल्म माफिया इन प्रतिभाशाली कलाकारों की अनदेखी कर अपने भाई भतीजों को फिल्में ऑफर कराता रहा है।इंडस्ट्री के कुछ प्रतिष्ठित कलाकार पूरी फिल्म इंडस्ट्री को अपनी बपौती समझते है और केवल अपने रिश्तेदारों को फिल्मों में काम करते देखना चाहते है।अगर कोई बाहरी एक्टर आ भी जाए तो उसके खिलाफ साजिश की जाती है।जो कुछ एक्टर्स ने कभी आवाज़ भी उठाई तो फिल्म मीडिया ने या तो अपने माफिया के आदेश पर उस एक्टर के बारे में झूठी और भ्रामक खबरें प्रचारित कर उनकी छवि को धूमिल किया या फिर उसे कवरेज ही नहीं दिया।कभी कोई आवाज़ बुलंद हो हीं नहीं पाई क्यूंकि ये फिल्म माफिया मीडिया के माध्यम से हर उस आवाज़ को दबाने में सफल होते रहे।आज जो सुशांत सिंह राजपूत हमारे बीच नहीं है, इसका एक गुनहगार,असली गुनहगार फिल्म मीडिया है।