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बात जब शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की हो तो योग ही एकमात्र ऐसी विधि है जिससे पूरे शरीर और मन को नीरोग रखा जा सकता है। योग आपके शरीर को कई तरीकों से लाभ पहुंचता है,आपकी श्वास के नियंत्रण में सहायता से लेकर शारीरिक संतुलन में सुधार करने तक। योग की खूबी यह है कि आपको लाभ प्राप्त करने के लिए योगी या योगिनी होना जरूरी नहीं है। चाहे आप युवा हों या बूढ़े, अधिक वजन वाले या फिट हों, योग में दिमाग को शांत करने और शरीर को मजबूत करने की शक्ति है। अगर आप योग को आजमाने में रुचि रखते हैं तो ये 14 मूल योग आसन शुरुआत करने के लिए एकदम सही हैं। आइये देखते हैं कौन कौन से हैं ये आसन -



1. पद्मासन (Lotus Pose)

पद्मासन एक Cross Leg योग आसन है जो विभिन्न शारीरिक बीमारियों को कम करने और ध्यान को गंभीर करने में मदद करता है। यह मुद्रा अक्सर ध्यान के दौरान की जाती है। पद्मासन योग तब सबसे अच्छा है जब खाली पेट में किया जाता है या भोजन के 4 से 5 घंटे बाद करना बेहतर होता है। ये आसन अनिद्रा को कम करने और पाचन तंत्र में सुधार लाने में कारगर है। 




2. बालासन (Child Pose)

किसी भी अन्य योग आसन की तरह,ये आसन भी भोजन के बाद कम से कम चार से छह घंटे किया जाना चाहिए। जब आप इस आसन का अभ्यास करते हैं तो आपकी आंतें और पेट खाली होना चाहिए। बालासन की मुद्रा आपकी पीठ, कूल्हों और गर्दन को खींचती है और उन्हें एक ही समय में बाहर निकालती है। इस मुद्रा के दौरान, साँस लेना महत्वपूर्ण है।

            


3. अधोमुख श्वानासन (Downward Dog Pose)

अधोमुख श्वानसन तनाव कम करने और मस्तिष्क में रक्त प्रवाह भेजने में मदद करते हैं। ये आसन आपकी मांसपेशियों को मजबूत और ऊर्जावान बनाता है। ये आसन सिरदर्द,अनिंद्रा और थकान से भी राहत दिलाने में मदद करते है। इस आसन से रक्त का प्रवाह सर की और बढ़ता है जिससे आप के झड़ते हुए बाल रूकते हैं हैं मुख पर तेजस की वृद्धि होती है

                    

4. उत्कटासन (Chair Pose)

यदि आप अपने पैर की मांसपेशियों को मजबूत करने और उनकी टोनिंग करना चाहते हैं, तो चेयर पोज़ बस उसी के साथ मदद करता है! यह मुद्रा न केवल आपके पैर की मांसपेशियों को लाभ पहुंचाती है बल्कि यह आपके जांघों और टखनों को भी मजबूत बनाती है।

           

5. वीरभद्रासन (Warrior Pose)

ये आसन आपके कंधे और पीठ को मजबूत करने के साथ आपके कूल्हों, छाती और फेफड़ों को खोलता है। वीरभद्रासन आपके फोकस, संतुलन और स्थिरता में सुधार करता है अच्छे परिसंचरण और श्वसन तंत्र को दुररुस्त करता है। इस आसन के करने से शरीर में संतुलन और धैर्य की बढ़ता है।

             

6. त्रिकोणासन  (Triangle Pose)

त्रिकोणासन में आपका शरीर एक विस्तारित त्रिभुज का आकार लेता है, जो आपके जांघों और पैरों को एक तीव्र खिंचाव देता है। यह आपकी मांसपेशियों, अंगों और बाहों को खींचने में मदद करता है। यह आसन Ligament को टोन करता है और लचीलेपन में सुधार करने के साथ साथ शरीर से मोटापा घटाने में भी मदद करता है।

           

7. वृक्षासन (Tree Pose)

वृक्षासन बहुत ही सरल आसन है और मुख्य रूप से ये स्थिरता के बारे में है! ये आसन पैरों में संतुलन और स्थिरता लाने में मदद करता है और साथ ही कूल्हों और पैरों की हड्डियों को मजबूत करता है। अवसाद और अनिंद्रा से भी राहत दिलाने में ये आसन मददगार होता है।

           

8. भुजंगासन (Cobra Pose)

भुजंगासन या कोबरा पोज़  पीठ के लिए बढ़िया स्ट्रेच हैं। इस आसान में आपके शरीर का निचला आधा हिस्सा और निचली पसलियां जमीन पर होती है और कोहनी और छाती ऊपर की और होती है। ये आसन  पीठ के निचले हिस्से में एक तीव्र खिंचाव उत्पन्न  करता है जिससे रीढ़ की हड्डी अधिक लचीला होती है।

           

9. फलाकासन (Plank Pose)

 फलाकासन या Plank Pose सबसे सरल आसनों में से एक है। Core में ताकत बनाए रखने के लिए Plank Pose एक शानदार आसन  है। Plank Pose आपकी रीढ़, आपके रॉमबॉइड्स और ट्रेपेज़ियस, और आपके पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है। प्लान्क न केवल पीठ दर्द जैसी समस्याओं से निजात देती है, बल्कि रीढ़ के स्वास्थ्य को भी बढ़ाता है।


10. सेतुबंधासन (Bridge Pose)

पीठ दर्द एक सामान्य अनुभव है जो कई लोगों में होता है, योग मुद्रा उन तीव्र दर्द पर काबू पाने का एक आकर्षक तरीका है। सेतुबंधासन से आपकी रीढ़ की हड्डी ऊपर और नीचे सभी तरह से लचीलापन पैदा करती है।  सेतुबंधासन न केवल आपकी रीढ़ की हड्डी में मदद करता है बल्कि यह आपके सीने को भी खोलता है।छाती को खोलने से पीठ के ऊपरी हिस्से की पीड़ा में आराम मिलता है, और यह हवा का बेहतर प्रवाह बनाकर सांस लेने में भी मदद करता है।


11. चक्रासन (Wheel Pose)

चक्रासन या धनुष मुद्रा एक बैकबेंडिंग आसन है जो छाती को खोलता है, जांघों, पेट और बाहों को टन करता है, और पूरे शरीर को एक साथ जोड़ता है। छाती का फैलाव होता है और फेफड़ों को अधिक ऑक्सीजन मिलती है। ये आसन पेट के क्षेत्र में वसा को कम करता है और पाचन और प्रजनन अंगों को भी टोन करता है।

    

12. बकासन (Crow Pose)

इस आसन से कलाई, हाथ और कंधे विशेष रूप से लाभान्वित होते हैं - वे न केवल खिंचे हुए और मजबूत होते हैं, बल्कि ऊर्जावान भी होते हैं। यह आसन विशेष रूप से Nervous System संतुलित रखने और ऊपरी अंगों और धड़ में Blood Circulation बढ़ाने के लिए उचित है। बकासन चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन सही तकनीक और थोड़ी ताकत और लचीलेपन के साथ इसे आज़माने में मज़ा आता है।


13. नटराजासन (Dancer Pose)

नटराजासन एक संतुलन मुद्रा है जो Practioner में संतुलन और समन्वय की भावना लाता है और उसकी एकाग्रता को बढ़ाता है। ये आसन छाती, पेट, कमर और जाँघों में खिंचाव लाता है और शरीर को अधिक लचीला बनाता है।साथ ही ये आसन तनाव और चिंता से राहत देते है और मन को शांत रखने में मदद करते है।


14. शवासन (Corpse Pose)

योग के लंबे सत्र के बाद, अपने मन और शरीर को आराम देना महत्वपूर्ण है। शव योग मुद्रा आपको अपने रक्तचाप को कम करने के साथ शरीर को आराम देता है और सिरदर्द, थकान को कम करता है। ये आसन दिमाग को शांत करता है और तनाव और हल्के अवसाद को दूर करने में मदद करता है।

अगर आपको मधुमेह, उच्च रक्तचाप, उच्च कोलेस्ट्रॉल, या हृदय रोग है तो योग आपके लिए एक बेहतरीन गतिविधि है। यह आपको शक्ति, लचीलापन और मन-शरीर की जागरूकता प्रदान करता है। आज के दौर में जब बीमारियां अधिक फैल रही है, इस समय में योग को अपने दिनचर्या का हिस्सा बनाकर हम अपने आपको स्वस्थ रख सकते है।

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